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बीपीएल सूची में नए नाम जून के बाद नहीं




 सामाजिक-आर्थिक सर्वे में तैयार हो रही बीपीएल सूची में जून के बाद नए नाम शामिल नहीं होंगे। सूची में किसी भी प्रकार के बदलाव पर सालभर तक प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, जहां सर्वे का काम पूरा हो गया है, वहां के रहवासियों को नाम जुड़वाने या हटवाने का एक मौका मई में मिलेगा। इसमें जो दावे-आपत्ति आएंगे उनका निराकरण कर सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। 

ग्रामीण विकास महकमे के अफसरों का कहना है कि सर्वे का दायरा काफी व्यापक है। शहर, गांव, मंजरे और टोले में प्रगणक घर-घर पहुँचकर जानकारी एकत्र कर रहे हैं। इसे पहली बार ऑनलाइन केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेजा जा रहा है। इसमें जो भी गलतियां सामने आ रही हैं, उन्हें दूर करने के लिए पर्यवेक्षक के स्तर पर कवायद चल रही है। अप्रैल के अंतिम या मई के प्रथम सप्ताह तक यह कार्रवाई पूरी कर सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। इसमें दावे-आपत्तियां दर्ज करके २१ दिन में निराकरण कर सूची को फिर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय भेजा जाएगा। वहां से हरी झण्डी मिलने के बाद सूची अंतिम रूप से प्रकाशित होगी। इसके बाद नए नाम एक साल तक नहीं जोड़े जाएंगे। जो संख्या सामने आएगी उसके आधार पर केन्द्र और राज्य स्तर पर नीतियों का निर्धारण होगा।

बीपीएल की संख्या बाद में होगी तय


इस बार सर्वे का पूरा डाटा केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को सौंपा जा रहा है। केन्द्रीय योजना आयोग जब बीपीएल का क्राइटेरिया तय कर देगा तक यह तय होगा कि प्रदेश में कितने परिवार बीपीएल की श्रेणी में हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार अभी ६१ लाख से ज्यादा परिवारों को बीपीएल मानती है। जबकि केन्द्रीय योजना आयोग के मुताबिक यह संख्या ४१ लाख के आसपास होनी चाहिए। यही वजह है कि सभी बीपीएल परिवारों को हर माह ३५ किलोग्राम राशन नहीं मिल पाता है। 

सर्वे की प्रारंभिक सूची का प्रकाशन ग्रामसभा और वार्डों में होगा। इसे यहां के नोटिस बोर्डों पर चस्पा करने के साथ पढ़ा भी जाएगा। इसके बाद जिन्हें अपना नाम शामिल करने होगा या फिर किसी विशेष नाम पर आपत्ति होगी वह आवेदन देंगे। इसका परीक्षण करने के बाद संबंधित को सूचित किया जाएगा। 

सालभर जुड़ते हैं नाम

अभी बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने के लिए जिला पंचायत और शहरी अधिकरण के स्तर पर सालभर कवायद चलती है। दावों का परीक्षण करने के बाद सूची को अद्यतन किया जाता है। सर्वे पूरा होने के बाद यह प्रक्रिया सालभर तक के लिए थम जाएगी।

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