Sunday, March 25, 2012

51 हजार से अधिक स्कूल भवनों का काम अधूरा


भोपाल। प्रदेश सरकार वैसे तो स्कूल चलो के नारे दे रही है, मगर जब पढऩे के लिए स्कूलों का भवन ही न हो, तो फिर बच्चे स्कूल जायें भी तो कैसे? राज्य में वर्ष 2001 में 1 लाख 66 हजार 498 स्कूलों भवनों का निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था, लेकिन एक दशक से भी ज्यादा बीत जाने के बावजूद अभी भी 51 हजार 313 भवनों का निर्माण कार्य अधूरा है। शिक्षा और बच्चों के साथ सबसे बड़ा मजाक तो यह है कि 3290 भवनों का तो निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो पाया है।

प्रदेश के दस जिलों रीवा, धार, शिवपुरी, छतरपुर, भिंड,टीकमगढ़, सतना, सागर, गुना, ग्वालियर में भवन निर्माण का काम शुरू ही नहीं हुआ है। रीवा में 6724 कार्यों मे से 2948 अधूरे हैं और 57 पर काम ही शुरू नहीं हो पाया है। भिंड में 4034 में से 1855 अधूरे हैं और 97 पर काम शुरू नहीं हुआ है। सतना में 4733 में से 1735 अपूर्ण हैं और 212 पर काम शुरू होना बाकी है। गुना में 3629 में से 2171 अपूर्ण है और 139 पर कार्य शुरू नहीं हुआ है। ग्वालियर में 3212 में से 1310 कार्य अधूरे हैं व 10 को काम शुरू होने का इंतजार है।

(लोजसं)

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